मुजरिम जहान
मुंह छुपाने की जरूरत आ पड़ी है, दोस्तों,
मुंह पे जुर्माना लगाती जा रही है, दोस्तों।
मुंह पे पाबंदी का ऐसा सबब होता, दोस्तों,
जुर्म बिन मुजरिम बताती जा रही हैं, दोस्तों।
पोलिस चौकी में खड़ा मुजरिम दिखा है, दोस्तों,
मुंह छिपा फोटो खिंचाना, ही लिखा है, दोस्तों।
पोलिस चौकी हर जगह, पर नजर आती, दोस्तों,
मास्क पहने जो दिखे, हर शख्स मुजरिम, दोस्तों।
दुल्हनों की मुंह दिखाई याद आई, दोस्तों,
और उसमें नेग मिलने की बधाई, दोस्तों।
मुंह दिखाई की वो रस्में आ रही हैं, दोस्तों,
और लड़कों से वसूली, मुंह दिखाई, दोस्तों।
मुंह दिखाते निकल बैठे, तो गुनाह है, दोस्तों,
और ऐसा आगमन बिल्कुल मना है, दोस्तों।
व्यर्थ का आक्षेप या शर्मिंदगी ना, दोस्तों,
तो लगाकर मास्क ही निकला करोगे, दोस्तों।
मुंह छुपाने की जरूरत आ पड़ी है, दोस्तों,
मुंह पे जुर्माना लगाती जा रही है, दोस्तों।
मुंह पे पाबंदी का ऐसा सबब होता, दोस्तों,
जुर्म बिन मुजरिम बताती जा रही हैं, दोस्तों।
पोलिस चौकी में खड़ा मुजरिम दिखा है, दोस्तों,
मुंह छिपा फोटो खिंचाना, ही लिखा है, दोस्तों।
पोलिस चौकी हर जगह, पर नजर आती, दोस्तों,
मास्क पहने जो दिखे, हर शख्स मुजरिम, दोस्तों।
दुल्हनों की मुंह दिखाई याद आई, दोस्तों,
और उसमें नेग मिलने की बधाई, दोस्तों।
मुंह दिखाई की वो रस्में आ रही हैं, दोस्तों,
और लड़कों से वसूली, मुंह दिखाई, दोस्तों।
मुंह दिखाते निकल बैठे, तो गुनाह है, दोस्तों,
और ऐसा आगमन बिल्कुल मना है, दोस्तों।
व्यर्थ का आक्षेप या शर्मिंदगी ना, दोस्तों,
तो लगाकर मास्क ही निकला करोगे, दोस्तों।
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